सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिया नोटिस, NGT के फैसले को दी थी चुनौती


सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के उस आदेश के खिलाफ अपील पर शुक्रवार को केंद्र और अन्य पक्षों से जवाब मांगा जिसमें नोएडा गोल्फ कोर्स सोसायटी पर अनधिकृत रूप से पानी निकालने पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था. 

न्यायमूर्ति एसए नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने पर्यावरण और वानिकी मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, न्यू ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण और अन्य को पत्र जारी कर एनजीटी के फैसले के खिलाफ अपील पर जवाब मांगा है.  

सुप्रीम कोर्ट ने अपील को उसके समक्ष लंबित मामले के साथ चिह्नित किया. पीठ ने कहा, ‘भूजल का अत्यधिक दोहन नहीं करें. क्या आप अब भी भूजल निकाल रहे हैं’. नोएडा गोल्फ कोर्स सोसाइटी की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ को बताया कि सोसाइटी नोएडा प्राधिकरण द्वारा जल-मल शोधन संयंत्र से उपलब्ध कराए जा रहे पानी का इस्तेमाल कर रही है.

बता दे कि अनधिकृत रूप से भूजल का दोहन किए जाने के मामले में एनजीटी ने नोएडा गोल्फ कोर्स और एडवैंट नैविस बिजनेस पार्क पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. हरित इकाई ने यह आदेश केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक समिति की रिपोर्ट के बाद दिया था, जिसमें कहा गया था कि भूजल का अवैध दोहन किया जा रहा है और बागवानी के लिये इस भूजल का दुरुपयोग किया जा रहा है. 

अधिकरण ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र की शर्तो का पालन किया जा रहा है या नहीं. बोर्ड ने अपने पिछले निर्देशों का उल्लेख किया कि भूजल का उपयोग खेल के मैदान के लिए क्रिकेट के मैदान के रूप में नहीं किया जा सकता है, विशेष रूप से अधिक उपयोग वाले, महत्वपूर्ण और अर्ध-महत्वपूर्ण क्षेत्र में, जो गोल्फ कोर्स पर भी लागू होता है. 

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